शिक्षा दर्शन शिक्षाको महत्व (संस्कृत श्लोक र सो को नेपाली अर्थ) मूर्खोऽपि शोभ तावत् सभायां वस्त्रष्टितः । तावच्च शोभते मूर्खो यावत् किञ्चिन्न भाषते ॥ शुन्दर...